Monday, 6 February 2017

‘एहसास’

वो तुम्हारा एक साइड पैर करके पीछे बाइक पर बैठना और थोड़ी देर में ही दोनों तरफ के लिए कहना जोकि हम भी चाहते थे, पीठ पर थपकी देना, नजदीक आने की शुरुआत करना, नजर मिलाने की हिम्मत देना, हाथ हिला कर बाय करना....सब कुछ अभी भी यादें ही हैं...!!
नोट : इसका वास्तविक्ता से कोई लेना देना नहीं है

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