अब तुझसे बात इसलिए भी नहीं हो पाती है,
क्योंकि मैने अब पैदल चलना छोड़ दिया है...!!
--एक समय था जब मैं कॉलेज पैदल जाना पसंद करता था। वो भी सिर्फ इसलिए कि तुमसे बात कर सकूं। तुमसे बात करते हुए वो सात किलोमीटर कब गुजर जाते थे पता ही नहीं चलता था। प्रतिदिन सुबह जल्दी होने का इंतजार करता था कि कब सुबह हो और तुमसे बात हो। वो सात किलोमीटर तक पैदल चलकर तुमसे बात करना मुझे आज भी याद है। उन तीन सालों का वो हर किस्सा जो तुमसे जुड़ा है मुझे आज भी याद है। बीयर पीकर तुम्हें प्रपोस करना, तुमसे लड़ाई झगड़े, तुम्हारा वो प्यार से ‘आहा’ बोलना, जिसे मैं तुमसे सुनने के लिए बेताब रहता था। बता दूं कि दिल के कोने में आज भी तुम बसती हो। फर्क सिर्फ इतना है कि अब जता नहीं पाता हूं। क्योंकि अब तुम मेरे पास नहीं हो। उम्मीद है कि आज भी तुम्हें हिचकी आने पर मेरी याद आती होगी। कि मैने तुम्हें याद किया है। फोन के तार न सही लेकिन दिल के तार आज भी तुमसे जुड़े हैं।