Sunday, 25 August 2019

बेबी माइंड एप बताएगा कि आपके बच्चे के दिमाग में क्या चल रहा है

लंदन | ब्रिटेन के शोधकर्ताओं ने एक स्मार्ट फोन एप बनाया है। इससे नए नए माता-पिता बेहतर तरीके से समझ सकेंगे कि उनका बच्चा क्या सोच रहा है और क्या महसूस कर रहा है। एप को ‘बेबी’ माइंड नाम दिया है। न्यूयार्क यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर एलिजाबेथ मीन्स ने बताया कि यह एप माता-पिता को अपने बच्चे के दृष्टिकोण से सोचने और समझने की सुविधा देगा। यह पैरेंट्स को उनके बच्चे के हो रहे मनोवैज्ञानिक विकास की सटीक जानकारी देगा। शोधकर्ताओं ने ‘बेबी माइंड’ की उपयोगिता पर अध्ययन के लिए माताओं का एक समूह बनाया और उनसे बच्चे के जन्म के बाद से एप का इस्तेमाल करने को कहा। उन्होंने इस एप का इस्तेमाल बच्चे के पैदा होने से लेकर छह महीने तक किया। शोधकर्ताओं ने अपने बच्चों के साथ खेल रहे माता-पिता का बारीकी से अध्ययन किया और समझा कि वे अपने बच्चे की वे अपने बच्चों के विचारों और भावनाओं को समझने में कितने अभ्यस्त हैं। इन लोगों की तुलना उन माता-पिता से की गई, जिनके बच्चे भी छह माह के हो गए थे और उन्होंने इस एप का इस्तेमाल नहीं किया था। इसमें पाया गया कि जिन्होंने इस एप का इस्तेमाल किया वे अपने बच्चों की भावनाओं और विचारों को बहुत ही अच्छी तरह से समझते थे। न्यूयार्क यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर एलिजाबेथ मीन्स ने बताया कि इस एप का उपयोग करने के कई फायदे हैं। यह कम लागत का है और उपयोग में बेहद आसान है।

नाले में मिली नवजात, यूपी पुलिस के जवान ने अस्पताल में भर्ती कराया, बच्ची खतरे से बाहर

बदायूं | उत्तर प्रदेश पुलिस का मानवीय चेहरा सामने आया है। दरअसल, बदायूं जिले के सिविल लाइंस इलाके के एक नाले में नवजात बच्ची के पड़े होने की सूचना मिली। इस पर डायल-100 पर तैनात पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और आरक्षी ऋषिपाल ने बिना देर किए मासूम को नाले से निकाला। मासूम की सांसे चल रही थीं। इसलिए पुलिसकर्मी बच्ची को लेकर तुरंत अस्पताल भागे औ्र उसे आईसीयू में भर्ती कराया। नवजात का इलाज किया गया। कुछ देर बाद मासूम ने आंखेंं खोली तो उसकी किलकारी सुनकर पुलिसकर्मी और डॉक्टरों के चेहरे खुशी से खिल गए। पुलिस ने बताया कि नवजात बीएसए कार्यालक पास एक सूखे नाले में मिली थी। जब उसे उठाया, तब वह कराह रही थी। फिलहाल मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। उधर, जिला अस्पता लके डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची अब खतरे से बाहर है। उसे निगरानी में रखा गया है।



यूएई की महिला ने कहा- पति नेकदिल है, कभी झगड़ता नहीं, खाना भी बनाकर खिलाता है; तलाक चाहिए

 दुबई |  अभी तक आपने सुना होगा कि लड़ाई-झगड़े की वजह से पति-पत्नी के बीच विवाद हो गया। लेकिन क्या आपने ऐसा सुना है, जब पति की बेइंतहा मोहब्ब से पत्नी ने तलाक मांग लिया हो। दरअसल,  संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में झगड़ा न होना तलाक की वजह बन गया और पत्नी ने पति से तलाक मांग लिया। पिछले दिनों एक महिला फजराह की शरिया कोर्ट पहुंची। उसने कोर्ट में कहा-  उसका पति शरीफ और नेकदिल है। उसकी शादी को एक साल हो गए हैं। जबसे उसकी शादी हुई है, तब से पति ने कभी ऊंची आवाज में बात नहीं की। कभी झगड़ा नहीं किया। झगड़ने की कोशिश करो तो घर के काम करने में मदद करने लगता है। घर की साफ-सफाई करने में हमेशा हाथ बंटाता है। इतना ही नहीं ज्यादातर दिनों में पति ही खाना बनाकर खिलाता है। मैं इस बेइंतहा मोहब्बत से घुटन सी महसूस कर रही हूं। सब कुछ इतना अच्छा है कि जिंदगी एक तरह से ‘जहन्नुम’ बन गई है। महिला ने कहा- कई बार मैंने खुद झगड़ा करने की कोशिश की। सोचा कुछ विवाद हो जाए। लेकिन उनके साथ लड़ाई करना नामुमकिन लगा। हालांकि, महिला की बात सुनने के बाद कोर्ट ने यह केस टाल दिया।

पति बोला- मैं बेहतर पति बनना चाहता हूं:
उधर, पति ने कोर्ट से अपनी पत्नी को केस वापस लेने की सलाह देने का आग्रह किया। उसने कहा- शादी के एक साल में मुझे जज करना ठीक नहीं है। हर व्यक्ति अपनी गलतियों से सीखता है। पति ने माना कि उसने कुछ गलत नहीं किया, क्योंकि वह एक बढ़िया शौहर बनना चाहता था, ताकि बीवी को कोई शिकायत न रहे, लेकिन शायद इस प्यार ने ही उसे तलाक मांगने के लिए मजबूर कर दिया। उसने बताया कि एक बार जब बीवी ने उसके बढ़ते वजन की शिकायत की तो उसने उसे खुश करने के लिए डायटिंग और एक्सरसाइज भी की। इस चक्कर में टांग भी तुड़वा दी थी।