Thursday, 15 December 2016

"समय"

समय की चाल तो देखो,
चलता धीरे है लेकिन गुजरता कितनी तेज गति से है...!!

Wednesday, 7 December 2016

क्या यही है प्यार..!!

जब दिल घबराए या जोर से धड़केबारिश हो या फिर बिजली कड़के,लगे तब ऐसा कोई हो अपना साथहो जिसका हांथो में हाँथऔर कहे मैं हूं न तुम्हारे साथ,जब तन्हाई साथ होजिसे चाहो वो भी न पास हो,जब आँख देखे उसी के सपनेतब आकर वो कहे तुम ही तो मेरे अपने,अब आदत सी हो गई है उसकीजिसके लिए रहे बिछकर बैठी है ये आँखेंबिना कुछ बोले होंठ भी करते हैं उसी की बातें,सोचे मेरा दिल ये बार बारक्या इसे ही कहते हैं प्यार,अकेले जब रह भी न जाएकौन अब इस दिल को समझाए,क्यों मेरा दिल सिर्फ उसी को चाहेमेरा दिल पूछे क्या यही है प्यार,तब पास आकार वो धीरे से कहेहाँ यही है प्यार, हाँ यही है प्यार...!!


"आभा"

ऊषा की आलोक भरी आभा में वो थी कमबख्त आँखे धोका दे गई, 
ओझल हुई वो जब आँखे खुलने के बाद...!!

"वक्त"

देख रहा हूं वक्त को गुजरते,
आज मैं तो कल वो मेरी हंसी उड़ाएगा...!!